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केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे बक्सर चौसा पहुंचकर किसानों से की बात, बोले पूरी बिहार सरकार धृतराष्ट्र

जब एसजेवीएनएल किसानों की मांग के अनुसार मुआवजा देने को तैयार है तो बिहार सरकार सर्कल रेट में वृद्धि को लेकर क्यों नहीं कर रही है संशोधन।

बक्सर के स्थानीय सांसद सह केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे गुरुवार को बक्सर चौसा बनारपुर गांव पहुंचे। उन्होंने किसानों से मुलाकात की। इसके बाद पुलिस बर्बरता के शिकार किसानों के परिवारों से भी मिले।
केंद्रीय मंत्री श्री चौबे ने किसानों से कहा कि पूरी बिहार सरकार धृतराष्ट्र हो गई है। चाचा भतीजे की सरकार को सत्ता सुख के अलावा कुछ नहीं दिख रहा है। किसानों पर जुल्म किया गया। जब एसजेवीएनएल किसानों की मांगों के अनुसार उन्हें मुआवजा देने के लिए तैयार है तो बिहार सरकार सर्किल रेट में वृद्धि को संशोधन क्यों नहीं किया गया। जबकि थोड़े से प्रयास से यह संभव हो सकता था। मैंने बार-बार जिला प्रशासन को आगाह किया था कि वह किसानों से बात करें किसानों को समझाएं। उनसे सौहार्दपूर्ण बात करें, लेकिन उन्हें उकसाने का काम किया गया। बक्सर को जलाने की कोशिश की गई। इसमें जो भी पुलिस और जिला प्रशासन के दोषी हैं, उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। बक्सर अध्यात्म की नगरी है। बक्सर में जो पुलिस बर्बरता हुई और उसके बाद जो हिंसा हुआ वह अत्यंत ही निंदनीय है। हिंसा से किसी भी समस्या का समाधान नहीं होता है। बिहार सरकार की मंशा ही नहीं है कि बिहार में कुछ भी अच्छा हो, कोई सुखी हो। नीतीश कुमार पिकनिक में व्यस्त है और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को कुछ पता ही नहीं रहता है। वे क्रिकेट के खेल में व्यस्त हैं। आखिर बिहार को चला कौन रहा है ? आज बिहार में चारों तरफ अराजकता का माहौल है। नौजवानों को दौड़ा दौड़ा कर नौकरी मांगने पर पिटाई हो रही है। किसानों को घर में घुसकर मारा जा रहा है। एनडीए की सरकार किसानों के साथ है। किसानों पर जो अत्याचार हुआ है, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब से महागठबंधन की सरकार बिहार में आई है, गुंडाराज वापस आ गया है। पुलिस बेलगाम हो गई है। अपराधी तांडव कर रहे हैं। सरकार को कुछ पता नहीं रहता है, गरीबों का जीना दुश्वार है। किसान आज यूरिया के लिए दर-दर भटक रहे हैं। नीतीश कुमार को जवाब देना होगा, वे केवल यह की “मुझे जानकारी नहीं है” कह कर भाग नहीं सकते हैं। उनसे बिहार नहीं संभल रहा है तो इस्तीफा दे दें।

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