नालसा और सुप्रीम कोर्ट मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति(MCPC) की ओर से मध्यस्थता अभियान “मेडिएशन फ़ॉर द नेशन” एक जुलाई 2025 से 30 सितंबर 2025 के सफल आयोजन और राष्ट्रीय लोक अदालत दिनांक 13 सितंबर 2025 के सफल आयोजन हेतु आज श्रीमती नेहा दयाल अवर न्यायाधीश -सह- सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर द्वारा जिलें मे कार्यरत सभी पारा विधिक स्वं सेवकों के साथ अपने प्रकोष्ठ मे एक बैठक आहूत की गई। इस बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों को 90 दिवसीय विशेष मध्यस्थता अभियान से सम्बंधित विशेष जानकारी दी गईंl उन्हें बताया गया कि मध्यस्थता क्या है l (Mediation) मध्यस्थता विवादों को सुलझाने की एक प्रक्रिया है, जिसमें एक तटस्थ तीसरे पक्ष (मध्यस्थ) की मदद से विवाद में शामिल पक्षकार आपस में बातचीत करके समझौते पर पहुंचने की कोशिश करते हैं। यह एक स्वैच्छिक, गोपनीय और औपचारिक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य दोनों पक्षों को आपसी सहमति से किसी विवाद का समाधान खोजने में मदद करना हैl उन्होंने यह भी कहा कि वाद के पक्षकारों को नोटिस के माध्यम से सूचना देना, साथ ही मध्यस्थता के क्या लाभ है, इससे उन्हें आने वाले दिनों में क्या लाभ मिल सकता है आदि के बारे में भी उन्हें बताने को कहाl उन्होंने कहा कि सभी विधि स्वयंसेवक पक्षकारों को जब नोटिस देने जाएं तो वे मध्यस्थता साथ ही राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में भी उन्हें बताएं ताकि अधिक से अधिक वादों को मध्यस्थता केन्द्र में आकर सुलह – समझौता से वाद के निपटारा कराने को वे प्रेरित हो l
बैठक में हरे राम यादव, गजेंद्र नाथ दुबे, अशोक कुमार, अविनाश कुमार श्रीवास्तव, प्रीति कुमारी, नीतू कुमारी, प्रिया रंजन पांडे, रुकैया, संतोष कुमार सिंह, ज्योति कुमार, शिवदयाल पांडे, अंजुम कुमार रावत, मदन प्रजापति आदि मौजूद रहेl